Bandhwapara Pond: मॉर्निंग वॉक के लिए आइए तो 200 रूपए चुकाइए

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Bandhwapara Pond

Bandhwapara Pond बिलासपुर । बिलासपुर नगर निगम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।

Bandhwapara Pond जहां बंधवापारा तालाब के तटों पर मॉर्निंग वॉक करना भी अब लोगों को भारी पड़ने लगा है।

यहां निगम ने मॉर्निंग वॉक करने वालों पर 200 रूपए का शुल्क निर्धारित कर रखा है, यानि यहां मॉर्निंग वॉक करने आइए तो 200 रूपए चुकाइए।

Bandhwapara Pond सुविधा बनी असुविधा

दरअसल बंधवापारा तालाब में मनोरंजन के तमाम साधन हैं। बच्चों के लिए झूले, नौका विहार, रेस्टोरेंट आदि हैं। जिसके लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित है। 20 से लेकर 100 रुपये तक शुल्क लिया जाता है।

मॉर्निंग वॉक के लिए आइए तो 200 रूपए चुकाइए
मॉर्निंग वॉक के लिए आइए तो 200 रूपए चुकाइए

Bandhwapara Pond निगम क्यों कर रहा है ऐसा काम

शहर का बंधवापारा तालाब अब पर्यटन स्थल बन चुका है। पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) माडल के तहत इसका संचालन होटल इशिका ग्रुप रायपुर कर रही है।

यहां पर विभिन्न मनोरंजन के साधन जुटाए गए हैं, जिनके लिए अलग-अलग शुल्क लिया जाता है।

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साथ ही प्रवेश के लिए 20 रुपये निर्धारित किया गया। इन सब शुल्क के बाद भी सुबह मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी नहीं बक्शा जा रहा, उनसे मार्निंग वाक शुल्क वसूला जा रहा है।

जबकि, कम से कम फिट इंडिया के परिकल्पना को साकार करने के लिए मार्निंग वाक तो निःल्क होना चाहिए।

इसके बाद भी निगम प्रबंधन आंख बंद कर रखे हुए है, ऐसे में क्षेत्र के सेहत पसंद लोगों को यहां पर मार्निग वॉक के लिए हर महीने 200 रूपये शुल्क देने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।

 

Bandhwapara Pond निगम को हो रही अंधाधुंध कमाई

बंधवापारा तालाब में मनोरंजन के तमाम साधन हैं। बच्चों के लिए झूले, नौका विहार, रेस्टोरेंट आदि हैं। जिसके लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित है।

20 से लेकर 100 रुपये तक शुल्क लिया जाता है। यहां सुबह 11 बजे से मनोरंजन करने वालों की भीड़ आने लगती है, यह सिलसिला सुबह से देर शाम तक चलता है।

यहां पर लगभग सभी चीजों का शुल्क लिया जाता है, ऐसे में अच्छी खासी कमाई होती है।

कमाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बंधवापारा तालाब परिसर में प्रवेश करने के लिए प्रति व्यक्ति 20 रुपये तक का शुल्क लिया जाता है।

Bandhwapara Pond सक्षम लोग ही पटा रहे पैसे, गरीब जाएं भी तो कैसे

इन सब के बीच यहां मार्निंग वाक के लिए भी उचित सुविधा दी गई है, क्योंकि बंधवापारा तालाब उन्नयन के पहले भी इस क्षेत्र के 200 से ज्यादा लोग यहां मार्निंग वाक के लिए पहुंचते थे।

मॉर्निंग वॉक के लिए आइए तो 200 रूपए चुकाइए
मॉर्निंग वॉक के लिए आइए तो 200 रूपए चुकाइए

ऐसे में उन्हें लगा कि इसके बन जाने के बाद मार्निंग वाक के लिए और भी बेहतर सुविधा मिलेगी, लेकिन जैसे ही बंधवापारा तालाब का उन्नयन हुआ, वैसे ही ठेका कंपनी ने मार्निंग वाक के लिए शुल्क निर्धारित कर दी।

इसका असर यह हुआ कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यह शुल्क नहीं पटा पा रहे, अब केवल सक्षम वर्ग के लोग ही हर माह का 200 रुपये शुल्क पटाकर मार्निंग वाक कर रहें हैं।

ऐसा नहीं है कि आसपास के लोगों ने इसका विरोध न किया हो, लेकिन उनके इस विरोध व शिकायत को नगर निगम ने अनदेखा कर दिया।

परिणाम स्वरुप बुजुर्गाे, युवाओ और महिलाओं को क्षेत्र में सुंदर उद्यान होने के बाद भी सड़क पर वाक करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।

जबकि कम से कम मार्निंग वाक तो निश्शुल्क होना ही चाहिए, ताकि फिट इंडिया की परिकल्पना को साकार किया जा सके।

अब जरा निगम प्रबंधन का तर्क भी जान लीजिए

इस संबंध में निगम प्रबंधन का कहना है कि क्षेत्र में आसामाजिक तत्वों की संख्या कुछ ज्यादा है, यदि मार्निंग वॉक फ्री करते हैं तो वे यहां के कलाकृतियों के साथ अन्य सामानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

मॉर्निंग वॉक के लिए आइए तो 200 रूपए चुकाइए
मॉर्निंग वॉक के लिए आइए तो 200 रूपए चुकाइए

इसी वजह से शुल्क लेकर ही मार्निंग वॉक की अनुमति दी गई है। दूसरी तरफ देखा जाए तो यहां हर समय सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जो असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने में सक्षम हैं।

वहीं बात रही बुजुर्गाे व महिलाओं व बच्चों की, जो तोड़फोड़ किसी भी दशा में नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें भी मार्निंग वाक से रोक दिया गया है।

 

कम हो चुकी है मार्निंग वाक करने वालों की संख्या

तालाब उन्नयन के पहले तालाब परिसर में रोजाना कम से कम 200 से ज्यादा लोग मार्निंग वाक के लिए आते थे, छुटिटयों के दिनों में इनकी संख्या 400 पार कर जाती थी, लेकिन अब शुल्क पटाने वाले 50 से 100 लोग ही मार्निंग वाक करते हुए नजर आते हैं।

शिकायत के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं

क्षेत्र के ज्यादातर बुजुर्ग ऐसे हैं, जो सालों से तालाब के पास नियमित मार्निंग वाक करते आए हैं।

ऐसे में हर सुबह इस परिसर में आना, उनके आदत में शामिल हो चुका था, लेकिन शुल्क लगने की वजह से ऐसे बुजुर्गों के साथ ही महिलाओं को इस तालाब से दूर होना पड़ गया।

ऐसे में इसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसे हर बार अनदेखा कर दिया गया।

 

क्या कहते हैं निगम के जिम्मेदार अधिकारी

यदि बंधवापारा तालाब में मार्निंग वाक के लिए शुल्क लिया जा रहा है और लोग मार्निंग वाक नहीं कर पाने की शिकायत कर रहे हैं, तो इसकी जांच कराई जाएगी और उसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

राकेश जायसवाल,

प्रभारी आयुक्त, नगर निगम

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